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सोमवार, 1 जुलाई 2013

रावण के ४ हवाईअड्डे मिले | 4 Airports of King Ravana Discovered : 7323BC

रामायण तथा उसमे वर्णित पुष्पक विमान आदि को कपोलकल्पित कहने  वालो के मुख पर एक और कड़क चमाट 

जी हाँ दोस्तों , रावन के रामायण कालीन ४ हवाईअड्डे खोजने का दावा किया है श्री लंका की रामायण अनुसन्धान कमेटी ने ।
पिछले ९ वर्षों  से ये कमेटी  श्री लंका का कोना कोना छान रही थी जिसके तहत कई छुट पुट जानकारी व् अवशेष भी मिलते रहे परन्तु पिछले ४ सालो में लंका के दुर्गम स्थानों में की गई खोज के दोरान रावण के  ४ हवाईअड्डे हाथ लगे है ।

कमेटी  के अध्यक्ष अशोक केंथ का कहना है की रामायण में वर्णित लंका वास्तव में श्री लंका ही है जहाँ उसानगोडा , गुरुलोपोथा , तोतुपोलाकंदा तथा वरियापोला नामक चार हवाईअड्डे मिले है ।
उसानगोडा रावण का निजी हवाईअड्डा था  तथा यहाँ का रनवे लाल रंग का है । इसके आसपास की जमीं कहीं काली तो कहीं हरी घास वाली है । जब हनुमान जी सीता जी की खोज में लंका गये तो वहां से लौटते समय उन्होंने रावण के निजी उसानगोडा को नष्ट कर दिया था ।
आगे केंथ ने बताया की अब तक उनकी टीम ने लंका के ५० दुर्गम स्थानों की खोज की है । इससे पूर्व पंजाब के अशोक केंथ सन २ ० ० ४ में लंका में स्थित अशोक वाटिका खोजने के कारन सुर्खियों में आये थे ।
तत्पश्चात श्री लंका सर्कार ने २ ० ० ७ में 'श्री रामायण अनुसन्धान कमेटी' का गठन किया तथा केंथ को इसका अध्यक्ष बनाया था ।

श्री रामायण अनुसन्धान कमेटी के मुख्य सदस्य :
इस कमिटी में श्री लंका के पर्यटन मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल क्लाइव सिलबम , आस्ट्रेलिया के हेरिक बाक्सी , लंका के पीवाई सुदेशम, जर्मनी के उर्सला मुलर , इंग्लॅण्ड की हिमी जायज शामिल है ।

अब तक क्या क्या पाया ? 
अशोक वाटिका,
रावण के ४ हवाईअड्डे : उसानगोडा , गुरुलोपोथा , तोतुपोलाकंदा , वरियापोला
रावण का महल ,
विभीषण का महल
आदि ।

http://www.bhaskar.com/article/PUN-JAL-airport-prevailed-in-raavan-regime-4264114-PHO.html

http://www.bhaskar.com/article/c-3-811668-NOR.html

ये स्थान व् हवाईअड्डे आदि कितने पुराने ?
वेद विज्ञानं मंडल, पुणे के डा० वर्तक जी ने वालमिकी रामायण में वर्णित ग्रहों नक्षत्रों की स्थति(astronomical calculations) तथा उन्ही ग्रहों नक्षत्रों की वर्तमान स्थति पर गहन शोध कर रामायण काल को  लगभग 7323 ईसा पूर्व अर्थात आज से लगभग 9336 वर्ष पूर्व का बताया है । इस विषय पर उन्होंने एक पूरी पुस्तक भी लिख डाली है जिसमे उन्होंने लगभग सभी मुख्य घटनाओं की तिथि निर्धारित की है । इनकी पुस्तक की एक प्रति निम्न है :


इसके साथ साथ ये भी बता दिया जाये की आधुनिक समय में भी सबसे पहले विमान भारत में ही बनाया गया था , विदेशी वेज्ञानिक राईट बंधुओं से ८ वर्ष पहले ।
यहाँ देखे : http://www.vedicbharat.com/2013/01/a.html


                                        

                                                             सनातन्  धर्मं: नमो नमः

TIME TO BACK TO VEDAS
वेदों की ओर लौटो । 


सत्यम् शिवम् सुन्दरम्

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