मंगलवार, 20 दिसंबर 2011

भारतीय संस्कृति का वैभव, शाकाहार



शाकाहार और मांसाहार को लेकर पिछले कई दशकों से चल रहे विवाद में भले ही दोनों पक्षों के पास अपने अपने प्रबल तर्क हों, लेकिन शाकाहार के पक्ष में यह बात सबसे महत्वपूर्ण साबित होती है कि इसके जरिये प्रकृति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की बजाय लाभ होता है। दुनियाभर में शाकाहार को बढ़ावा देने वाली प्रतिष्ठित संस्था ‘पेटा’ की प्रवक्ता बेनजीर सुरैया ने कहा, “भारत शाकाहार का जन्मस्थान रहा है और ‘विश्व शाकाहार दिवस’ के मौके पर हमें शाकाहारी होने पर विचार करना चाहिये। इससे हानिकारक गैसों का उत्पादन रुकेगा और जलवायु परिवर्तन रुकेगा। इसके अलावा आप खुद भी चुस्त दुरुस्त रहेंगे।“

बेनजीर ने बताया कि अध्ययन से पता चला है कि शाकाहारी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मांस खाने वाले लोगों से ज्यादा मजबूत होती है। इसी तरह शाकाहारी लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियां, कैंसर और मोटापा जैसी बीमारियां बहुत ही कम होती हैं। आहार विशेषज्ञ डॉक्टर भुवनेश्वरी गुप्ता ने कहा, “आहार विशेषज्ञ होने के नाते मैं जानती हूं कि मेरे शरीर के लिये शाकाहारी भोजन ही सबसे उत्तम है। मांस, अंडे और डेयरी उत्पाद छोड़ देने से कम वसा, कम कोलेस्ट्राल और बहुत पौष्टिक खाना मिलता है।“

उन्होंने कहा,“भारत में हृदय से जुड़ी बीमारियाँ, मधुमेह और कैंसर के मामले बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका सीधा संबंध अंडों, मांस और डेयरी उत्पादों जैसे मक्खन, पनीर और आईपीम की बढ़ रही खपत से है।“ भारत में तेजी से बढ़ रहे मधुमेह टाइप 2 से पीड़ित लोग शाकाहार अपना कर इस बीमारी पर नियंत्रण पा सकते हैं और अपना मोटापा भी घटा सकते हैं। शाकाहारी खाने में कोलेस्ट्राल नहीं होता, बहुत कम वसा होती है, और यह कैंसर के खतरे को 40 फीसद कम करता है।“  

बेनजीर ने कहा, “शाकाहारी खाना खाने वाले लोगों में मांस खाने वाले लोगों की तुलना में मोटापे का खतरा एक चौथाई ही रहता है।“ उन्होंने कहा, “खाने के लिये पशुओं की आपूर्ति में बड़े पैमाने पर जमीन, खाद्यान्न, बिजली और पानी की जरूरत होगी।  वर्ष 2010 में संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जलवायु परिवर्तन को रोकने, प्रदूषण को कम करने, जंगलों को काटे जाने को रोकने और दुनियाभर से भुखमरी को खत्म करने के लिये वैश्विक स्तर पर शाकाहारी भोजन अपनाया जाना जरूरी है।“  डॉक्टर भुवनेश्वरी गुप्ता ने कहा कि एक स्वास्थ्यवर्धक तथा संतुलित शाकाहारी खाने में सभी अनाज, फल, सब्जियां, फलियां, बादाम, सोया दूध और जूस आता है।  यह खाना आपकी दिन प्रतिदिन की विटामिन, कैल्शियम, आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन सी, प्रोटीन और अन्य जरूरतों को पूरा करता है। 

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पोषक तत्व:  पोषणयुक्त पूर्ण संतुलित शाकाहार

3 टिप्‍पणियां:

  1. इस अत्यंत उपयोगी जानकारी का प्रकाशन करने के लिए कोटिशः आभार !

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  2. अमित ज़ी, संगीता दीदी,

    आभार आपका!!

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